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शिशॠको रात में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना : मूल बातें
आपका नवजात शिशॠशायद दिनà¤à¤° में करीब छह से आठबार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करेगा। कई शिशॠइससे à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करते हैं। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की इन अवधियों में अंतर à¤à¥€ अलग-अलग होता है। शिशॠरात के दौरान à¤à¥€ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करेगा। रात में उठकर शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने की वजह से आप दिनà¤à¤° थकी-थकी महसूस कर सकती हैं।
रात के समय सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना मैं आसान कैसे बना सकती हूं?
अगर शिशॠआपके साथ ही सो रहा है तो जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤¾à¤° मांओं की तरह आपको à¤à¥€ रात में जागकर सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना थोड़ा आसान लग सकता है। शिशॠको अपने साथ सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ वाली माà¤à¤‚ लंबे समय तक सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवा पाती हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जब शिशॠठीक आपके साथ सो रहा हो तो उसे रात में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना आसान रहता है।
लेकिन आपके लिठयह जानना बेहद जरूरी है कि शिशॠके साथ à¤à¤• ही बिसà¥à¤¤à¤° पर सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तरीके से कैसे सोना चाहिà¤à¥¤ शिशॠने अगर समय से पहले (पà¥à¤°à¥€à¤®à¥‡à¤šà¥à¤¯à¥‹à¤°) जनà¥à¤® लिया है तो उसके साथ à¤à¤• बिसà¥à¤¤à¤° पर न सोà¤à¤‚। अगर आप या आपके पति निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित काम करते हैं तो à¤à¥€ शिशॠको अपने बिसà¥à¤¤à¤° पर न सà¥à¤²à¤¾à¤à¤‚:
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करना
शराब का सेवन करना
à¤à¤¸à¥€ कोई दवा या डà¥à¤°à¤—à¥à¤¸ ली है, जिसकी वजह से आपको गहरी नींद आà¤
अधिक जानकारी के लिठशिशॠके साथ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तरीके से सोने पर हमारा लेख पà¥à¥‡à¤‚।
रात के समय शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने का à¤à¤• और आसान तरीका है कि शिशॠको कॉट में सà¥à¤²à¤¾à¤à¤‚ और यह कॉट अपने पलंग के à¤à¤•दम साथ में लगाà¤à¤‚। à¤à¤¸à¥‡ में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने के लिठआपको बिसà¥à¤¤à¤° से निकलकर जाने की जरूरत नहीं होगी। आधी नींद की हालत में à¤à¥€ आप शिशॠको आसानी से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवा सकेंगी।
कà¥à¤¯à¤¾ रात को दूध पिलाने के लिठमà¥à¤à¥‡ शिशॠको नींद से जगाना चाहिà¤?
आमतौर पर शिशॠजब à¤à¥‚खा हो या वह दूध मांगे, उसे तà¤à¥€ दूध पिलाना बेहतर रहता है। इसे डिमांड फीडिंग यानी मांग के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना कहते हैं। अगर आपका शिशॠअचà¥à¤›à¥€ तरह से सो रहा है, दूध पी रहा है और उमà¥à¤®à¥€à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उसका वजन à¤à¥€ बॠरहा है तो सामानà¥à¤¯à¤¤: उसे दूध पिलाने के लिठजगाने की कोई जरूरत नहीं है।
लेकिन अगर नवजात शिशॠनियमित रूप से तीन-चार घंटे से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सोता है उसकी नजदीक से निगरानी करनी जरूरी है, ताकि उसका वजन उमà¥à¤®à¥€à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बढ़ना सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ हो सके। à¤à¥‡à¤¸à¤¾ इसलिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि डिमांड फीडिंग जनà¥à¤® के कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‡ बाद से लेकर कà¥à¤› महीनों तक में उपयà¥à¤•à¥à¤¤ बैठती है।
कई बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¥€ आपको बचà¥à¤šà¥‡ को नियत समय पर पर दूध पिलाने को कह सकते हैं। इसका मतलब यह हà¥à¤† कि आपको दिन और रात में दूध पिलाने के लिठअपने शिशॠको जगाना होगा। लेकिन आमतौर पर यह असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ ही रहता है। यह इन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में हो सकता है:
जनà¥à¤® के बाद कà¥à¤› शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में
डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह हाे सकती है कि जब तक शिशॠअपने जनà¥à¤® के समय के वजन के बराबर नहीं हो जाà¤, आप उसे दिन और रात में हर दो-तीन घंटे में दूध पिलाà¤à¤‚। जनà¥à¤® के बाद जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° शिशà¥à¤“ं का वजन कम हो जाता है, जो सामानà¥à¤¯ बात है।
लेकिन आपके शिशॠके जनà¥à¤® समय के वजन के आधार पर हो सकता है डॉकà¥à¤Ÿà¤° चाहें कि जितना जलà¥à¤¦à¥€ हाे सके उतनी जलà¥à¤¦à¥€ वह दोबारा उतना ही वजन हासिल कर ले। दूध पिलाने की नियमित दिनचरà¥à¤¯à¤¾ आपके शिशॠको वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में मदद करेगी।
अगले चेकअप में अगर डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके शिशॠके बà¥à¥‡ हà¥à¤ वजन से संतà¥à¤·à¥à¤Ÿ हà¥à¤ तो वह आपको फिर से डिमांड फीडिंग पर जाने की सलाह दे सकते हैं।
अगर जनà¥à¤® के समय आपके शिशॠका वजन कम हो
अगर जनà¥à¤® के समय आपके शिशॠका वजन 2.5 किलो से कम हà¥à¤† तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको हर दो से तीन घंटे के अंदर शिशॠको दूध पिलाने की सलाह दे सकते हैं। à¤à¤²à¥‡ ही इसके लिठआपको शिशॠको नींद से कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न जगाना पड़े। इसका मकसद यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना है कि बचà¥à¤šà¥‡ का वजन तेजी से बà¥à¥‡ और उसका विकास अचà¥à¤›à¥‡ से हो।
अगर आपका शिशॠपà¥à¤°à¥€-मैचà¥à¤¯à¥‹à¤° या बीमार है
à¤à¤• समय से पहले जनà¥à¤®à¤¾ या बीमार या पीलिया गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ शिशॠहो सकता है कि दूध की मांग करने के लिठअà¤à¥€ बहà¥à¤¤ छोटा या उनींदा हो। इसकी बजाय वह अपनी ऊरà¥à¤œà¤¾ विकास और बीमारी से उबरने में लगाà¤à¤—ा। अगर आपके शिशॠके à¤à¥‚ख लगने के संकेत कमजोर या बिलà¥à¤•à¥à¤² ही नहीं हैं तो उसे हर तीन घंटे में जगाकर दूध पिलाने का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें। यदि डॉकà¥à¤Ÿà¤° ने सलाह दी हो तो कई बार हर दो घंटों में दूध पिलाना होता है।
दूध पिलाने की दिनचरà¥à¤¯à¤¾ बनाने के लिठकई माता-पिता अपने शिशॠको हर तीन से चार घंटे में जगा देते हैं। रूटीन सेट करने से शिशॠको सोने और नियमित रूप से दूध पीने में लंबे वकà¥à¤¤ तक मदद मिलती है। लेकिन अगर आपका शिशॠपूरी तरह सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ है और उसका वजन à¤à¥€ बढ़ रहा है और वह रात को थोड़े लंबे वकà¥à¤¤ तक सोता है तो उसे सिरà¥à¤« दूध पिलाने के लिठजगाने की जरूरत नहीं है।
कà¥à¤¯à¤¾ शिशॠको कचà¥à¤šà¥€ नींद में दूध पिलाना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है?
हां। शिशॠको कचà¥à¤šà¥€ नींद में दूध पिलाना, जिसे अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ में डà¥à¤°à¥€à¤®à¤«à¥€à¤¡ कहते हैं, सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ माना जाता है। आमतौर पर इसे नींद के à¤à¤• साधन के तौर पर à¤à¥€ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है, ताकि मांओं को कà¥à¤› घंटे की लगातार नींद मिल सके।
नवजात के तौर पर आपका शिशॠदूध पीने के लिठहर तीन-चार घंटे में जागेगा। लेकिन कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° वह लंबे वकà¥à¤¤ तक à¤à¥€ सो सकता है। कचà¥à¤šà¥€ नींद में दूध पिलाने से आपके शिशॠको लंबे वकà¥à¤¤ तक लगातार सोने में मदद मिलेगी और आप à¤à¥€ लगातार सो सकती हैं। लेकिन यह सिरà¥à¤« छोटे शिशà¥à¤“ं के लिठही कारगर है। छह महीने का होने के बाद à¤à¥€ आपका बचà¥à¤šà¤¾ अगर रात में कई बार जागता है तो यह à¤à¥‚ख के बजाय उसकी आदत है।
अपने शिशॠको नींद में ही दूध पिलाने के लिठदेर शाम आप सोने से पहले उसे बिसà¥à¤¤à¤° से निकालें, जब वह गहरी नींद में होता है। कचà¥à¤šà¥€ नींद में दूध पिलाने के लिठआप उसे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ à¤à¥€ करवा सकती हैं और फॉरà¥à¤®à¥‚ला या निकाले हà¥à¤ सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध (à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤¡ मिलà¥à¤•) की बाेतल à¤à¥€ दे सकती हैं। उसे दूध पिलाà¤à¤‚ और नैपी बदलने के बाद उसे वापस बिसà¥à¤¤à¤° में लेटा दें। कोशिश करें कि यह सब कà¥à¤› करते वकà¥à¤¤ उसकी नींद न खà¥à¤²à¥‡à¥¤
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि नींद में दूध पिलाने से पहले कम से कम दो घंटे तक आपने उसे दूध न पिलाया हो। इससे उसके पेट में दूध के लिठजगह बनी रहेगी। आपके शिशॠको इस नई दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में सेट होने में थोड़ा वकà¥à¤¤ लग सकता है, लेकिन यह तरकीब काम करती है। आपको कम से कम चार-पांच घंटे लगातार सोने के लिठमिलेंगे। आपका शिशॠकरीब इतनी देर के बाद ही दोबारा दूध पीने के लिठजागेगा।
कà¥à¤¯à¤¾ मà¥à¤à¥‡ शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाकर सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¾ चाहिà¤?
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में जब आपका शिशॠजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय सोने में ही बिताता तब अकसर नींद और सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ लगà¤à¤— à¤à¤•साथ जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ रहते हैं। दूध पीते-पीते सो जाना और फिर थोड़ी देर बाद ही और दूध के लिठफिर उठजाना नवजातों के लिठसामानà¥à¤¯ है।
जब तक आपको सही लगे आप अपने शिशॠको सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना जारी रख सकती हैं। और उसे रात में दोबारा सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठà¤à¥€ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवा सकती हैं। बहà¥à¤¤ सी मांओं को लगता है कि शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाकर सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¾ दिन के अंत में उसे आसानी व आरामदेह तरीके से सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ का अचà¥à¤›à¤¾ तरीका है।
हालांकि, जब à¤à¥€ आपका शिशॠउनींदा तो उसे सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठहर बार अगर आप सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाती हैं तो हो सकता है कि उसे सोने के लिठइसकी आदत ही पड़ जाà¤à¥¤ अगर à¤à¤¸à¤¾ होता है तो वह रातà¤à¤° में कई बार दूध की मांग करेगा। वह à¤à¥‚ख के मारे दूध नहीं मांगेगा, बलà¥à¤•ि उसकी नींद खà¥à¤² जाती है और उसे समठनहीं आता कि वह अपने आप से दोबारा कैसे सोà¤à¥¤
कà¥à¤¯à¤¾ करूं कि शिशॠबिना सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ किठअपने आप सो जाà¤?
अगर आप चाहती हैं कि आपका शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के बिना ही सोने लगे तो उसे कचà¥à¤šà¥€ नींद में ही बिसà¥à¤¤à¤° में लेटाना शà¥à¤°à¥‚ करें। जब वह गहरी नींद के आगोश में जा रहा हो ताे न तो उसे हिलाà¤à¤‚, थपकाà¤à¤‚ और न ही लोरी सà¥à¤¨à¤¾à¤à¤‚। बस उसके आसपास रहें, ताकि वह आपको देख या आपकी सà¥à¤—ंध महसूस कर सके।
तीन महीने की उमà¥à¤° तक अगर शिशà¥à¤“ं को मौका दिया जाठतो जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° खà¥à¤¦ ही शांत होना और सोना सीख जाते हैं। इस उमà¥à¤° के आसपास आप अपने शिशॠको सोने की दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में ढालना शà¥à¤°à¥‚ कर सकती हैं।
हलà¥à¤•े गरà¥à¤® पानी से नहलाने या फिर मालिश करने के बाद उसे कोई कहानी या लोरी सà¥à¤¨à¤¾à¤à¤‚। आप हर शाम नियत समय पर à¤à¤¸à¤¾ करें।
आप शिशॠको कहानी या लोरी सà¥à¤¨à¤¾à¤¨à¥‡ से पहले दिन में ​आखिरी बार दूध दे सकती हैं। इस तरह आपको दूध पीने और सोने के बीच के संबंध को तोड़ने में मदद मिलेगी।
जब आपका शिशॠरात में बिना दूध पिलाठया गोद में लेकर हिलाà¤-डà¥à¤²à¤¾à¤ बिना अपने आप सोने लग जाà¤à¤—ा, तो उसके लिठरात में अचानक उठने पर à¤à¥€ खà¥à¤¦ सो जाने में आसानी रहेगी।
मेरा शिशॠदूध पीने के दौरान सो जाता है। मà¥à¤à¥‡ कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤?
दूध पिलाने और सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं को à¤à¤• दूसरे से अलग करना शà¥à¤°à¥ करें। जनà¥à¤® के बाद के कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक यह काफी मà¥à¤¶à¥à¤•िल लग सकता है। मगर, धीरे-धीरे आप शिशॠको सोने से पहले दूध पिलाने की बजाय आखिरी बार तब ​दूध पिलाà¤à¤‚ जब वह सोने के लिठपूरी तरह तैयार न हो।
यदि आप देखें कि शिशॠदूध पीने के दौरान ही सो रहा है, तो दूध पिलाना बंद कर दें और उसे कॉट या पलंग पर लिटाने से पहले बाकी की सोने की दिनचरà¥à¤¯à¤¾ पूरी करें। इस समय शिशॠउनींदा होगा, मगर जगा होगा। धीरे-धीरे आपका शिशॠसमठजाà¤à¤—ा कि उसे आगे होने वाली चीजों के लिठजगा रहना है। बस सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आप सोने की दिनचरà¥à¤¯à¤¾ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ तब करें जब शिशॠउनींदा हो मगर इतना थका हà¥à¤† न हो कि हमेशा इसके बीच में ही सो जाà¤à¤‚।
इसलिठउदाहरण के तौर पर आप दिनचरà¥à¤¯à¤¾ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ कहानी सà¥à¤¨à¤¾à¤¨à¥‡ से कर सकती हैं, इसके बाद उसे दूध पिलाà¤à¤‚। दूध पिलाने के बाद आप शिशॠके कपड़े और लंगोट (नैपी) बदल सकती हैं। इसके बाद उसे बिसà¥à¤¤à¤° पर लिटाà¤à¤‚ जब वह उनींदा सा हो मगर जगा हà¥à¤† हो। लोरी गाकर सà¥à¤¨à¤¾à¤¨à¥‡ से उसे शांति से सोने में मदद मिलेगी।
यदि आप इस या इसी तरह की दिनचरà¥à¤¯à¤¾ का पालन करें तो आपका शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ और नींद को अलग-अलग करके देखने लगेगा।
कà¥à¤¯à¤¾ शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाते हà¥à¤ मेरी आंख लग जाना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है?
नहीं, यह सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ नहीं है। यह उस समय खासतौर पर सही नहीं है जब आप शिशॠको लेटी हà¥à¤ˆ अवसà¥à¤¥à¤¾ में दूध पिला रही हों। चाहे यह आपको कितना à¤à¥€ ​मà¥à¤¶à¥à¤•िल लगे मगर शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाते हà¥à¤ या बोतल से दूध पिलाते हà¥à¤ आप जगी रहें।
यदि नवजात शिशॠकी नाक आपके कपड़ों या चादर आदि से अवरà¥à¤¦à¥à¤§ हो जाठतो वह अपना सिर हिला-डà¥à¤²à¤¾ कर अलग नहीं हट सकेगा। शिशॠके गले में दूध अटक जाठया सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान वह डकार ले तो à¤à¥€ आपको वह इसके बारे में बता नहीं पाà¤à¤—ा।
मेरा शिशॠरात में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने के​ लिठजागता है। मैं अपनी नींद पूरी करने के लिठकà¥à¤¯à¤¾ कर सकती हूं?
सà¤à¥€ को थोड़ा आराम मिले इसलिठलिठकोशिश करें कि परिवार के सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ दिन और रात में शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² की जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ बांट लें। रात में शिशॠके उठने पर उसे कौन देखेगा यह à¤à¥€ तय कर लें। यह कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ उपाय दिठगठहैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आपके पति या परिवार के अनà¥à¤¯ सदसà¥à¤¯ कर सकते हैं, ताकि आप दिन में या फिर रात में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नींद ले पाà¤à¤‚:
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸ किठगठदूध की बोतल देना। यह तरीका शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ छह हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के बाद आजमाà¤à¤‚, जब आपका शिशॠसही ढंग से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करना सीख गया हो।
रात को दूध पिलाने के बाद डकार दिलवाना और सोने के लिठतैयार करना|
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के बाद शिशॠके कपड़े बदलना और उसे आराम दिलाना
यदि शिशॠको फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पिलाया जा तो कà¥à¤¯à¤¾ उसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बेहतर नींद आà¤à¤—ी?
आप शिशॠको कौन सा दूध पिलाती है इस बात का उसके सोने के तरीके पर शायद ही कोई असर हो। à¤à¤¸à¤¾ हो सकता है कि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले नवजात शिशॠफॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीने वाले शिशà¥à¤“ं की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में रात में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार दूध पीने के लिठउठते हैं। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आपका शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आसानी से पचा लेता है, इसका मतलब है कि उसका पेट जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जलà¥à¤¦à¥€ खाली होगा।
बहरहाल, यह जरà¥à¤°à¥€ नहीं है कि ​शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ कà¥à¤› महीनों में शिशॠको फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पिलाने से उसकी नींद की अवधि और गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ बेहतर होगी। यदि आपका शिशॠजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार उठता है तो à¤à¥€ आपकी सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाते समय सो जाने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहती है।
शिशॠके लिठदूध की बोतल तैयार करने के लिठउठना, रात में लाइट जलाकर काम करना आपको और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जगा देगा। अब दोबारा नींद आने में आपके मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकती है। इसलिठशिशॠको फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पिलाने का मतलब है कि आपकी नींद शायद पूरी न हो पाà¤à¥¤
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